B.Ed 1 Year Course:10 साल बाद 1 वर्षीय बीएड की वापसी, शिक्षक बनने का रास्ता फिर हुआ आसान

By: Dr. Manju

On: Sunday, January 11, 2026 9:06 PM

B.Ed 1 Year Course: शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2026 एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। करीब 10 साल बाद एक बार फिर 1 वर्षीय बीएड (B.Ed 1 Year Course) को दोबारा शुरू करने का फैसला किया गया है।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के इस निर्णय को शिक्षा जगत में एक सकारात्मक और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।

यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए राहत की खबर है, जो शिक्षक बनने का सपना तो देखते थे, लेकिन दो साल के लंबे प्रशिक्षण, अधिक फीस और समय की वजह से पीछे रह जाते थे। अब कम अवधि और अपेक्षाकृत कम खर्च में शिक्षक बनने का अवसर फिर से उपलब्ध हो गया है।

B.Ed 1 Year Course

क्यों उठ रही थी 1 वर्षीय बीएड को दोबारा शुरू करने की मांग

बीते कुछ वर्षों से शिक्षाविदों और छात्रों के बीच यह मांग लगातार उठ रही थी कि जिन विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव पहले से मजबूत है, उनके लिए दो साल का बीएड प्रशिक्षण आवश्यक नहीं है। खासकर वे छात्र जो चार वर्षीय स्नातक डिग्री या परास्नातक कर चुके हैं, उनके लिए एक वर्ष का व्यावहारिक प्रशिक्षण पर्याप्त माना जा रहा था।

समय के साथ यह स्पष्ट हुआ कि लंबी अवधि के कारण:

  • छात्रों का अतिरिक्त समय खर्च हो रहा था
  • फीस और रहने का खर्च बढ़ जाता था
  • शिक्षक बनने की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी हो जाती थी

इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए 1 वर्षीय बीएड कोर्स को फिर से लागू करने का निर्णय लिया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से कैसे जुड़ा है यह फैसला

B.Ed 1 Year Course की वापसी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। नई शिक्षा नीति में लचीलापन, बहुविकल्पीय मार्ग (Multiple Entry-Exit), समय की बचत और व्यावहारिक ज्ञान पर खास जोर दिया गया है।

NEP 2020 का उद्देश्य यह है कि छात्र:

  • कम समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें
  • व्यावहारिक कौशल पर ज्यादा ध्यान दें
  • शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम हो

एक वर्षीय बीएड कोर्स इन सभी उद्देश्यों के अनुरूप है और शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

1 वर्षीय बीएड कोर्स का ढांचा कैसा होगा

यह कोर्स कुल 12 महीनों का होगा, जिसमें सैद्धांतिक पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण दोनों को संतुलित तरीके से शामिल किया जाएगा। कोर्स का फोकस केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वास्तविक कक्षा अनुभव पर भी रहेगा।

संभावित रूप से:

  • फीस लगभग ₹20,000 से ₹30,000 के बीच हो सकती है
  • सरकारी और अनुदान प्राप्त कॉलेजों में फीस कम रहेगी
  • निजी कॉलेजों में शुल्क थोड़ा अधिक हो सकता है

कम समय में कोर्स पूरा होने से छात्र जल्दी शिक्षक पात्रता हासिल कर सकेंगे।

शैक्षणिक योग्यता को क्यों बनाया गया मुख्य आधार

1 वर्षीय बीएड के लिए कड़ी शैक्षणिक पात्रता तय की गई है। इसमें वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिनके पास:

  • चार वर्षीय स्नातक डिग्री (Integrated UG)
  • या परास्नातक (Post Graduation) की डिग्री

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोर्स में शामिल होने वाले छात्रों की अकादमिक पृष्ठभूमि मजबूत हो। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी और कम समय में प्रभावी शिक्षक तैयार किए जा सकेंगे।

न्यूनतम अंक और आयु सीमा को लेकर क्या नियम होंगे

इस कोर्स के लिए:

  • सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य रखे गए हैं
  • आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) को नियमानुसार छूट मिलेगी

सबसे अहम बात यह है कि कोई ऊपरी आयु सीमा तय नहीं की गई है। इसका मतलब है कि:

  • नौकरी कर चुके लोग
  • करियर बदलना चाहने वाले अभ्यर्थी
  • लंबे समय बाद शिक्षक बनने का विचार करने वाले उम्मीदवार

भी इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे।

प्रवेश प्रक्रिया कैसे होगी

1 वर्षीय बीएड में प्रवेश प्रक्रिया संस्थान के नियमों के अनुसार तय की जाएगी। आमतौर पर दो तरीके अपनाए जा सकते हैं:

  1. प्रवेश परीक्षा के माध्यम से
  2. शैक्षणिक अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट

आवेदन के लिए उम्मीदवारों को संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होगा। सभी दस्तावेज और शैक्षणिक विवरण सही-सही भरना जरूरी होगा।

परीक्षा और काउंसलिंग की भूमिका

जहां प्रवेश परीक्षा होगी, वहां निम्न विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं:

  • शिक्षण अभिरुचि
  • बाल मनोविज्ञान
  • सामान्य ज्ञान
  • विषय संबंधित समझ

चयन के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होगी, जिसमें दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा की जाएगी। इससे प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी।

कम समय में शिक्षक बनने का सबसे बड़ा फायदा

इस कोर्स का सबसे बड़ा लाभ यही है कि:

  • अब दो साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा
  • छात्र जल्दी शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे
  • करियर की शुरुआत समय पर हो सकेगी

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में समय की बचत अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

आर्थिक रूप से क्यों है यह कोर्स फायदेमंद

कम अवधि के कारण:

  • कुल फीस कम होगी
  • रहने, खाने और अन्य खर्चों में बचत होगी

इससे मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए शिक्षक बनना आसान हो जाएगा। कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण इस कोर्स की बड़ी खासियत मानी जा रही है।

इंटर्नशिप से मिलेगा वास्तविक शिक्षण अनुभव

1 वर्षीय बीएड में स्कूल इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। छात्रों को वास्तविक कक्षा में पढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे वे:

  • बच्चों की सीखने की समस्याएं समझ सकेंगे
  • कक्षा प्रबंधन सीखेंगे
  • व्यावहारिक शिक्षण कौशल विकसित कर सकेंगे

यह अनुभव उन्हें एक बेहतर और आत्मविश्वासी शिक्षक बनने में मदद करेगा।

आवेदन से पहले किन बातों का रखें ध्यान

  • कॉलेज NCTE से मान्यता प्राप्त होना चाहिए
  • फीस और नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें
  • केवल संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से ही आवेदन करें

निष्कर्ष

B.Ed 1 Year Course की वापसी भारतीय शिक्षा व्यवस्था में एक दूरगामी और सकारात्मक बदलाव है। कम समय, कम खर्च और बेहतर अवसरों के साथ शिक्षक बनने का रास्ता फिर से खुल गया है। जो छात्र शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह फैसला किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है।

डिस्क्लेमर

यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। 1 वर्षीय बीएड कोर्स से संबंधित नियम, पात्रता, फीस और प्रवेश प्रक्रिया समय-समय पर NCTE या संबंधित संस्थानों द्वारा बदली जा सकती है। आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन और दिशा-निर्देशों की पुष्टि अवश्य करें।

Dr. Manju

Dr. Manju is an experienced academic and content contributor with a strong background in education and research. She holds a postgraduate degree and has qualified NET, along with a PhD. With over 10 years of experience in the education sector, she has been actively involved in teaching, academic writing, and education-related content. Her expertise lies in delivering well-researched, credible, and insightful information with clarity and professionalism.

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